जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादी हमले में तीन गुजरातियों की जान चली गई। इनमें सूरत के शैलेशभाई कलथिया भी थे। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। हजारों की भीड़ के बीच केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल उनके परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें मृतक की पत्नी शीतलबेन का गुस्सा झेलना पड़ा। शीतलबेन ने आतंकी हमले के लिए सरकार और सुरक्षा एंजेसियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा, ‘पहलगाम में कोई सेना, कोई पुलिस नहीं थी। मैं मदद के लिए चिल्लाती रही। इतने बड़ा पर्यटन स्थल होने के बावजूद कोई मेडिकल कैंप नहीं था। आप लोग जनता के टैक्स से हेलिकॉप्टर पर घूमते हैं। आपकी जिंदगी जिंदगी है, टैक्स देने वालों की जिंदगी जिंदगी नहीं है?’ शीतलबेन के बोलने के दौरान केंद्रीय मंत्री चुपचाप सिर झुकाकर उनकी बातें सुनते रहे। बाद में उन्होंने कहा, ‘हां बहन, जरूर, हम आपको न्याय दिलाएंगे। इस पर शीतलबेन ने कहा, ‘बिल्कुल नहीं। हमें अब सरकार पर भरोसा नहीं है। पहले भरोसा था, इसलिए हम पहलगाम गए थे।’ 44 साल के शैलेशभाई सूरत शहर के चिकुवाड़ी इलाके के रहने वाले थे। वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर थे। चार साल पहले ट्रांसफर के चलते मुंबई चले गए थे। वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ पहलगाम घूमने गए थे, जब आतंकी हमले का शिकार हो गए। पहलगाम हमले में कुल 27 पर्यटकों की मौत हुई है। करीब 20 लोग घायल हैं। शीतलबेन बोलीं- मदद के लिए चिल्लाती रही, सेना-पुलिस नहीं पहुंची मृतक की पत्नी बोलीं- नेता बस फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं
जब पाटिल ने कहा कि सरकार मदद करेगी, तो शैलेश कलथिया की पत्नी ने कहा, ‘सरकार सिर्फ यही कह रही है कि हम कार्रवाई करेंगे, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। सरकार को ये भी नहीं पता कि अस्पताल में लोगों को सुविधाएं मिलीं या नहीं। पहलगाम में अगले दिन कर्फ्यू लग गया। सड़कें बंद थीं, सड़कों पर जहां भी देखो, 100-200 सेना के जवान खड़े थे।’ केंद्रीय मंत्री के साथ मौजूद नेताओं ने जब शीतलबेन को बोलने से रोकने की कोशिश की तो उन्होंने गुस्से में कहा, ‘नहीं सर, आपको सुनना पड़ेगा। जब सब कुछ हो जाता है, तो हमारी सरकार आती है और फोटो खिंचवाकर चली जाती है। सरकार कहती है कि सेना के अधिकारी आए थे। पुलिस के अधिकारी आए थे। बाद में आकर आप लोग क्या करते हैं? मुझे बस न्याय चाहिए। सिर्फ अपने पति के लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए न्याय चाहिए जिन्होंने वहां अपनी जान गंवाई।’ ‘दिक्कत कश्मीर में नहीं, हमारी सरकार और सुरक्षा में है। आप कश्मीर का नाम बदनाम कर रहे हैं। वहां इतने सारे पर्यटक थे, लेकिन कोई सेना, पुलिस या मेडिकल कैंप नहीं था। हम सरकार और सेना पर भरोसा करके घूमने गए। हमारे बच्चे सेना को देखकर सलाम करते हैं, लेकिन वही सेना कहती है कि तुम घूमने क्यों जा रहे हो। अगर हमारे देश की सेना ही ऐसा कहेगी तो और कौन बोलेगा।’ पहलगाम हमले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… पति की शर्ट पहनी, फिर उसी से लिपट गई; CM बोले- ताबूत में ये आखिरी कील पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी का थोड़ी देर में अंतिम संस्कार किया जाएगा। जैसे ही घर से ड्योढ़ी घाट के लिए शव यात्रा निकली। पत्नी चीख पड़ीं। पत्नी ने 2 दिन से अपने पति की शर्ट पहन रखी थी। उन्होंने वह शर्ट उतारी। उसे सीने से लगाया, फिर फूट-फूटकर रोने लगीं। पूरी खबर पढ़ें… सीएम भजनलाल ने मां के आंसू पोंछे, कहा- खून के एक-एक कतरे का हिसाब लिया जाएगा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के शिकार जयपुर के नीरज उधवानी (33) का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई किशोर उधवानी ने मुखाग्नि दी। झालाना स्थित मोक्षधाम में पत्नी आयुषी नीरज की पार्थिव देह के पास हाथ जोड़कर बिलखती रही। आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादी हमले में तीन गुजरातियों की जान चली गई। इनमें सूरत के शैलेशभाई कलथिया भी थे। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। हजारों की भीड़ के बीच केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल उनके परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें मृतक की पत्नी शीतलबेन का गुस्सा झेलना पड़ा। शीतलबेन ने आतंकी हमले के लिए सरकार और सुरक्षा एंजेसियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा, ‘पहलगाम में कोई सेना, कोई पुलिस नहीं थी। मैं मदद के लिए चिल्लाती रही। इतने बड़ा पर्यटन स्थल होने के बावजूद कोई मेडिकल कैंप नहीं था। आप लोग जनता के टैक्स से हेलिकॉप्टर पर घूमते हैं। आपकी जिंदगी जिंदगी है, टैक्स देने वालों की जिंदगी जिंदगी नहीं है?’ शीतलबेन के बोलने के दौरान केंद्रीय मंत्री चुपचाप सिर झुकाकर उनकी बातें सुनते रहे। बाद में उन्होंने कहा, ‘हां बहन, जरूर, हम आपको न्याय दिलाएंगे। इस पर शीतलबेन ने कहा, ‘बिल्कुल नहीं। हमें अब सरकार पर भरोसा नहीं है। पहले भरोसा था, इसलिए हम पहलगाम गए थे।’ 44 साल के शैलेशभाई सूरत शहर के चिकुवाड़ी इलाके के रहने वाले थे। वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मैनेजर थे। चार साल पहले ट्रांसफर के चलते मुंबई चले गए थे। वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ पहलगाम घूमने गए थे, जब आतंकी हमले का शिकार हो गए। पहलगाम हमले में कुल 27 पर्यटकों की मौत हुई है। करीब 20 लोग घायल हैं। शीतलबेन बोलीं- मदद के लिए चिल्लाती रही, सेना-पुलिस नहीं पहुंची मृतक की पत्नी बोलीं- नेता बस फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं
जब पाटिल ने कहा कि सरकार मदद करेगी, तो शैलेश कलथिया की पत्नी ने कहा, ‘सरकार सिर्फ यही कह रही है कि हम कार्रवाई करेंगे, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। सरकार को ये भी नहीं पता कि अस्पताल में लोगों को सुविधाएं मिलीं या नहीं। पहलगाम में अगले दिन कर्फ्यू लग गया। सड़कें बंद थीं, सड़कों पर जहां भी देखो, 100-200 सेना के जवान खड़े थे।’ केंद्रीय मंत्री के साथ मौजूद नेताओं ने जब शीतलबेन को बोलने से रोकने की कोशिश की तो उन्होंने गुस्से में कहा, ‘नहीं सर, आपको सुनना पड़ेगा। जब सब कुछ हो जाता है, तो हमारी सरकार आती है और फोटो खिंचवाकर चली जाती है। सरकार कहती है कि सेना के अधिकारी आए थे। पुलिस के अधिकारी आए थे। बाद में आकर आप लोग क्या करते हैं? मुझे बस न्याय चाहिए। सिर्फ अपने पति के लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए न्याय चाहिए जिन्होंने वहां अपनी जान गंवाई।’ ‘दिक्कत कश्मीर में नहीं, हमारी सरकार और सुरक्षा में है। आप कश्मीर का नाम बदनाम कर रहे हैं। वहां इतने सारे पर्यटक थे, लेकिन कोई सेना, पुलिस या मेडिकल कैंप नहीं था। हम सरकार और सेना पर भरोसा करके घूमने गए। हमारे बच्चे सेना को देखकर सलाम करते हैं, लेकिन वही सेना कहती है कि तुम घूमने क्यों जा रहे हो। अगर हमारे देश की सेना ही ऐसा कहेगी तो और कौन बोलेगा।’ पहलगाम हमले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… पति की शर्ट पहनी, फिर उसी से लिपट गई; CM बोले- ताबूत में ये आखिरी कील पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी का थोड़ी देर में अंतिम संस्कार किया जाएगा। जैसे ही घर से ड्योढ़ी घाट के लिए शव यात्रा निकली। पत्नी चीख पड़ीं। पत्नी ने 2 दिन से अपने पति की शर्ट पहन रखी थी। उन्होंने वह शर्ट उतारी। उसे सीने से लगाया, फिर फूट-फूटकर रोने लगीं। पूरी खबर पढ़ें… सीएम भजनलाल ने मां के आंसू पोंछे, कहा- खून के एक-एक कतरे का हिसाब लिया जाएगा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के शिकार जयपुर के नीरज उधवानी (33) का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई किशोर उधवानी ने मुखाग्नि दी। झालाना स्थित मोक्षधाम में पत्नी आयुषी नीरज की पार्थिव देह के पास हाथ जोड़कर बिलखती रही। आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…