जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हो गई। बिहार के रहने वाले IB अफसर मनीष रंजन की भी आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मनीष पिछले 2 सालों से IB के हैदराबाद ऑफिस में सेक्शन ऑफिसर के पद पर पोस्टेड थे। हमले के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें मनीष की पत्नी और बच्चे दिखाई दे रहे हैं। पहलगाम अटैक के बाद जब भारतीय सेना के जवान बैसरन घाटी पहुंचे तो मनीष की पत्नी ने उन्हें आतंकवादी समझ लिया। ऐसा इसलिए क्योंकि जिन आतंकवादियों ने फायरिंग की, वो भी सेना की वर्दी में थे। जवानों को देख मनीष की पत्नी और बच्चे हाथ जोड़कर रोने लगें। मनीष की पत्नी बच्चों को छोड़ने की गुहार लगाने लगीं। इसके बाद जवानों ने कहा- ‘हम लोग फौजी हैं। आप मदद के लिए आए हैं। हम इंडियन आर्मी हैं, आप लोग कहां से आए हो’।’ जवानों ने पर्यटकों को सुरक्षा का दिलासा दिया। इंडियन आर्मी को आतंकी समझ रोने लगीं मनीष की पत्नी पत्नी की कश्मीर घूमने की ख्वाहिश थी मनीष रंजन को उनकी पत्नी और 2 बच्चों के सामने गोली मार दी गई। रंजन की पत्नी आशा देवी और बच्चे सुरक्षित हैं। परिवार ने बताया कि उनकी पत्नी कई दिनों से कश्मीर घूमने के लिए कह रही थी। वो अपने पत्नी और बच्चों के साथ छुट्टी पर कश्मीर घूमने गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो गोलियों की आवाज सुनकर मनीष ने पत्नी और बच्चों को दूसरी दिशा में भागने को कहा। इस दौरान वे परिवार से अलग हो गए। आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी। 2010 में हुई थी मनीष रंजन की शादी 2010 में मनीष की शादी हुई थी। 12 साल का बड़ा बेटा है और 8 साल की लड़की है। मनीष के चाचा आलोक प्रियदर्शी ने बताया- ‘मैं भी मनीष के परिवार के साथ कश्मीर जाने वाले था, लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से नहीं जा सका।’ औरंगाबाद में रह रहे उनके रिश्तेदार डॉ. सुरेंद्र मिश्र ने बताया- ‘3 दिन पहले मनीष हैदराबाद से वैष्णो देवी गए थे।’ 3 भाइयों में सबसे बड़े थे मनीष मनीष 3 भाइयों में सबसे बड़े थे। उनका एक भाई विनीत रंजन झारखंड में एक्साइज विभाग में अफसर हैं। दूसरे भाई राहुल रंजन छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में फूड इंस्पेक्टर है। माता-पिता पश्चिम बंगाल में रहते हैं मनीष के पिता डॉक्टर मंगलेश कुमार मिश्र पश्चिम बंगाल के झालदा में इंटरमीडिएट कॉलेज में शिक्षक थे। रिटायर होने के बाद वे परिवार के साथ झालदा में ही रहते हैं। मनीष का शव आज झालदा लाया जाएगा। यहीं उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पहलगाम आतंकी हमले की 2 तस्वीरें —————— 1. पहलगाम आतंकी हमले में बिहार के IB अफसर की मौत:पत्नी-बच्चों के सामने मारी गोली, हैदराबाद में पोस्टेड थे, छुट्टी मनाने कश्मीर गए थे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हो गई। घटना बैसारन घाटी इलाके मंगलवार दोपहर 2.45 बजे हुई। आतंकियों ने UP के सुभम द्विवेदी से नाम पूछा फिर उसके सिर में गोली मारी। इस हमले में बिहार के रहने वाले मनीष रंजन की मौत हो गई है। रंजन पिछले 2 सालों से IB के हैदराबाद ऑफिस में सेक्शन ऑफिसर के पद पर पोस्टेड थे। पूरी खबर पढ़िए 2. गोलियों की आवाज सुनकर पत्नी को दूसरी तरफ भेजा:पहलगाम अटैक में मारे गए मनीष, आज आ सकता है शव, पत्नी कश्मीर घूमना चाहती थी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हो गई। इस हमले में बिहार के रहने वाले मनीष रंजन की मौत हो गई है। रंजन पिछले 2 सालों से IB के हैदराबाद ऑफिस में सेक्शन ऑफिसर के पद पर पोस्टेड थे। मनीष रोहतास के करगहर थाना क्षेत्र के अरुही गांव के रहने वाले थे। सासाराम शहर के गौरक्षणी मोहल्ले में उनका पुश्तैनी घर है। पूरी खबर पढ़िए
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हो गई। बिहार के रहने वाले IB अफसर मनीष रंजन की भी आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मनीष पिछले 2 सालों से IB के हैदराबाद ऑफिस में सेक्शन ऑफिसर के पद पर पोस्टेड थे। हमले के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें मनीष की पत्नी और बच्चे दिखाई दे रहे हैं। पहलगाम अटैक के बाद जब भारतीय सेना के जवान बैसरन घाटी पहुंचे तो मनीष की पत्नी ने उन्हें आतंकवादी समझ लिया। ऐसा इसलिए क्योंकि जिन आतंकवादियों ने फायरिंग की, वो भी सेना की वर्दी में थे। जवानों को देख मनीष की पत्नी और बच्चे हाथ जोड़कर रोने लगें। मनीष की पत्नी बच्चों को छोड़ने की गुहार लगाने लगीं। इसके बाद जवानों ने कहा- ‘हम लोग फौजी हैं। आप मदद के लिए आए हैं। हम इंडियन आर्मी हैं, आप लोग कहां से आए हो’।’ जवानों ने पर्यटकों को सुरक्षा का दिलासा दिया। इंडियन आर्मी को आतंकी समझ रोने लगीं मनीष की पत्नी पत्नी की कश्मीर घूमने की ख्वाहिश थी मनीष रंजन को उनकी पत्नी और 2 बच्चों के सामने गोली मार दी गई। रंजन की पत्नी आशा देवी और बच्चे सुरक्षित हैं। परिवार ने बताया कि उनकी पत्नी कई दिनों से कश्मीर घूमने के लिए कह रही थी। वो अपने पत्नी और बच्चों के साथ छुट्टी पर कश्मीर घूमने गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो गोलियों की आवाज सुनकर मनीष ने पत्नी और बच्चों को दूसरी दिशा में भागने को कहा। इस दौरान वे परिवार से अलग हो गए। आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी। 2010 में हुई थी मनीष रंजन की शादी 2010 में मनीष की शादी हुई थी। 12 साल का बड़ा बेटा है और 8 साल की लड़की है। मनीष के चाचा आलोक प्रियदर्शी ने बताया- ‘मैं भी मनीष के परिवार के साथ कश्मीर जाने वाले था, लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से नहीं जा सका।’ औरंगाबाद में रह रहे उनके रिश्तेदार डॉ. सुरेंद्र मिश्र ने बताया- ‘3 दिन पहले मनीष हैदराबाद से वैष्णो देवी गए थे।’ 3 भाइयों में सबसे बड़े थे मनीष मनीष 3 भाइयों में सबसे बड़े थे। उनका एक भाई विनीत रंजन झारखंड में एक्साइज विभाग में अफसर हैं। दूसरे भाई राहुल रंजन छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में फूड इंस्पेक्टर है। माता-पिता पश्चिम बंगाल में रहते हैं मनीष के पिता डॉक्टर मंगलेश कुमार मिश्र पश्चिम बंगाल के झालदा में इंटरमीडिएट कॉलेज में शिक्षक थे। रिटायर होने के बाद वे परिवार के साथ झालदा में ही रहते हैं। मनीष का शव आज झालदा लाया जाएगा। यहीं उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पहलगाम आतंकी हमले की 2 तस्वीरें —————— 1. पहलगाम आतंकी हमले में बिहार के IB अफसर की मौत:पत्नी-बच्चों के सामने मारी गोली, हैदराबाद में पोस्टेड थे, छुट्टी मनाने कश्मीर गए थे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हो गई। घटना बैसारन घाटी इलाके मंगलवार दोपहर 2.45 बजे हुई। आतंकियों ने UP के सुभम द्विवेदी से नाम पूछा फिर उसके सिर में गोली मारी। इस हमले में बिहार के रहने वाले मनीष रंजन की मौत हो गई है। रंजन पिछले 2 सालों से IB के हैदराबाद ऑफिस में सेक्शन ऑफिसर के पद पर पोस्टेड थे। पूरी खबर पढ़िए 2. गोलियों की आवाज सुनकर पत्नी को दूसरी तरफ भेजा:पहलगाम अटैक में मारे गए मनीष, आज आ सकता है शव, पत्नी कश्मीर घूमना चाहती थी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 27 लोगों की मौत हो गई। इस हमले में बिहार के रहने वाले मनीष रंजन की मौत हो गई है। रंजन पिछले 2 सालों से IB के हैदराबाद ऑफिस में सेक्शन ऑफिसर के पद पर पोस्टेड थे। मनीष रोहतास के करगहर थाना क्षेत्र के अरुही गांव के रहने वाले थे। सासाराम शहर के गौरक्षणी मोहल्ले में उनका पुश्तैनी घर है। पूरी खबर पढ़िए