केरल के कन्नूर की उल्लीकल में एक सीलबंद कपड़ा दुकान के कांच के शोकेस के पीछे तीन दिनों से फंसी एक गौरैया को बचाने का वीडियो सामने आया है। यह चिड़िया वहां बने एक छेद से अंदर चली गई, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता नहीं खोज पाई। आसपास के लोगों ने उसे देखा तो उसे खाने-पीने की चीजें दीं। लेकिन गर्मी के कारण उसके मरने की चिंता हुई। लेकिन फायर ब्रिगेड, ग्राम अधिकारी, कलेक्टर कोई भी दुकान तोड़ने की कार्रवाई नहीं कर सका, क्योंकि दुकान को कोर्ट के आदेश से सील कर दिया गया था। इसके बाद जिला कलेक्टर अरुण के. विजयन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव को दुकान खोलने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। डिस्ट्रिक्ट जज निसार अहमद भी मौके पर मौजूद रहे। शटल खुलते ही गौरैया उड़ गई। घटना 10 अप्रैल की है। जिला जज बोले- कानून किसी के जीवन पर बोझ नहीं बनना चाहिए डिस्ट्रिक्ट जज निसार अहमद ने कहा कि यह घटना हमें बताती है कि कानून को मनुष्यों या जानवरों के जीवन पर बोझ नहीं बनना चाहिए। हर जीवन मायने रखता है, यहां तक कि गौरैया का भी। जब जिला कलेक्टर ने मुझे बताया, तो मैंने तुरंत हाईकोर्ट जजों से बात की और दुकान खोलने की परमिशन ली। 6 महीने से बंद थी दुकान, कोर्ट ने विवाद के बाद सील करवाई
उल्लिकल में योक्स नाम से यह दुकान खुलने के दाे दिन बाद ही बंद हो गई थी। मुनीर और फिरोज नाम के पार्टनर्स ने यह दुकान खोली थी, लेकिन बाद में विवाद के चलते कोर्ट ने इसे बंद करने का आदेश दिया। इसी वजह से कोई भी उसे तोड़कर चिड़िया को नहीं निकाल सकता था।
केरल के कन्नूर की उल्लीकल में एक सीलबंद कपड़ा दुकान के कांच के शोकेस के पीछे तीन दिनों से फंसी एक गौरैया को बचाने का वीडियो सामने आया है। यह चिड़िया वहां बने एक छेद से अंदर चली गई, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता नहीं खोज पाई। आसपास के लोगों ने उसे देखा तो उसे खाने-पीने की चीजें दीं। लेकिन गर्मी के कारण उसके मरने की चिंता हुई। लेकिन फायर ब्रिगेड, ग्राम अधिकारी, कलेक्टर कोई भी दुकान तोड़ने की कार्रवाई नहीं कर सका, क्योंकि दुकान को कोर्ट के आदेश से सील कर दिया गया था। इसके बाद जिला कलेक्टर अरुण के. विजयन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव को दुकान खोलने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। डिस्ट्रिक्ट जज निसार अहमद भी मौके पर मौजूद रहे। शटल खुलते ही गौरैया उड़ गई। घटना 10 अप्रैल की है। जिला जज बोले- कानून किसी के जीवन पर बोझ नहीं बनना चाहिए डिस्ट्रिक्ट जज निसार अहमद ने कहा कि यह घटना हमें बताती है कि कानून को मनुष्यों या जानवरों के जीवन पर बोझ नहीं बनना चाहिए। हर जीवन मायने रखता है, यहां तक कि गौरैया का भी। जब जिला कलेक्टर ने मुझे बताया, तो मैंने तुरंत हाईकोर्ट जजों से बात की और दुकान खोलने की परमिशन ली। 6 महीने से बंद थी दुकान, कोर्ट ने विवाद के बाद सील करवाई
उल्लिकल में योक्स नाम से यह दुकान खुलने के दाे दिन बाद ही बंद हो गई थी। मुनीर और फिरोज नाम के पार्टनर्स ने यह दुकान खोली थी, लेकिन बाद में विवाद के चलते कोर्ट ने इसे बंद करने का आदेश दिया। इसी वजह से कोई भी उसे तोड़कर चिड़िया को नहीं निकाल सकता था।