सोनीपत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने अपने आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद से कांग्रेस हताश और निराश है और झूठ व भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस पर सरकारी एजेंसियों के खिलाफ भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस को सच का सामना करना चाहिए। कई शहरों में सस्ते दामों पर जमीन आवंटित की गई बड़ौली ने नेशनल हेराल्ड के इतिहास पर बोले और कहा कि इसकी शुरुआत 1937 में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजीएल) के तहत की गई थी। उस समय, अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड, हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज नामक समाचार पत्र प्रकाशित होते थे। उन्होंने बताया कि एजीएल के 5000 शेयरधारक स्वतंत्रता सेनानी थे और अखबार के प्रकाशन के लिए कई शहरों में सस्ते दामों पर जमीन आवंटित की गई थी। 1956 में, एजीएल को गैर-व्यवसायिक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया और कंपनी एक्ट की धारा-25 के तहत कर मुक्त कर दिया गया। हालांकि, कंपनी धीरे-धीरे घाटे में चली गई और 2008 तक उस पर 90 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज चढ़ गया। बडोली ने आरोप लगाया कि 2010 में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने एजीएल समूह में प्रवेश किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने 5 लाख रुपए में यंग इंडिया लिमिटेड (वाई आईएल) नामक एक कंपनी बनाई, जिसमें राहुल गांधी 76% और सोनिया गांधी 38% हिस्सेदार थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एजीएल के 10-10 रुपए के 9 करोड़ रुपए के शेयर वाईआईएल को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडिया को कांग्रेस का कर्ज चुकाना था। इस प्रकार, यंग इंडिया को एजीएल के 99% शेयर हासिल हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 26 फरवरी 2011 को 90 करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया, जो एजीएल पर बकाया था। शेयर हस्तांतरण और कानूनी विवाद
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शेयरधारकों को विश्वास में लिए बिना एजीएल के शेयर यंग इंडिया लिमिटेड को हस्तांतरित किए गए। यंग इंडिया ने 90.25 करोड़ रुपए के अधिकार हासिल करने के लिए केवल 50 लाख रुपए का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि एजीएल को दिया गया कर्ज भी अवैध था, क्योंकि यह पार्टी के फंड से लिया गया पैसा था। शेयर हस्तांतरण के बाद, पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण और कई अन्य शेयरधारकों ने आरोप लगाया कि यंग इंडिया ने एजीएल का हस्तांतरण करते समय कोई नोटिस नहीं दिया और शेयरधारकों से सहमति नहीं ली गई। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार
नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए, मोहनलाल बडोली ने कहा कि कांग्रेस को सच का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कांग्रेस को धरना देने का अधिकार है, लेकिन भ्रष्टाचार करने का हक किसी को नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रंग देकर सच्चाई से भागने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सरकारी संपत्तियों का दुरुपयोग करके बड़ा खेल किया है और अब ईडी की कार्रवाई पर बनावटी बातें करके अपने घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली द्वारा लगाए गए आरोप मोहन लाल बड़ौली जी ने कांग्रेस को इस पूरे मामले में सच का सामना करने और कानूनी कार्रवाई में पूरा सहयोग करने की बात कही है।
सोनीपत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने अपने आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद से कांग्रेस हताश और निराश है और झूठ व भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस पर सरकारी एजेंसियों के खिलाफ भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस को सच का सामना करना चाहिए। कई शहरों में सस्ते दामों पर जमीन आवंटित की गई बड़ौली ने नेशनल हेराल्ड के इतिहास पर बोले और कहा कि इसकी शुरुआत 1937 में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजीएल) के तहत की गई थी। उस समय, अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड, हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज नामक समाचार पत्र प्रकाशित होते थे। उन्होंने बताया कि एजीएल के 5000 शेयरधारक स्वतंत्रता सेनानी थे और अखबार के प्रकाशन के लिए कई शहरों में सस्ते दामों पर जमीन आवंटित की गई थी। 1956 में, एजीएल को गैर-व्यवसायिक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया और कंपनी एक्ट की धारा-25 के तहत कर मुक्त कर दिया गया। हालांकि, कंपनी धीरे-धीरे घाटे में चली गई और 2008 तक उस पर 90 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज चढ़ गया। बडोली ने आरोप लगाया कि 2010 में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने एजीएल समूह में प्रवेश किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने 5 लाख रुपए में यंग इंडिया लिमिटेड (वाई आईएल) नामक एक कंपनी बनाई, जिसमें राहुल गांधी 76% और सोनिया गांधी 38% हिस्सेदार थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एजीएल के 10-10 रुपए के 9 करोड़ रुपए के शेयर वाईआईएल को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडिया को कांग्रेस का कर्ज चुकाना था। इस प्रकार, यंग इंडिया को एजीएल के 99% शेयर हासिल हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 26 फरवरी 2011 को 90 करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया, जो एजीएल पर बकाया था। शेयर हस्तांतरण और कानूनी विवाद
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शेयरधारकों को विश्वास में लिए बिना एजीएल के शेयर यंग इंडिया लिमिटेड को हस्तांतरित किए गए। यंग इंडिया ने 90.25 करोड़ रुपए के अधिकार हासिल करने के लिए केवल 50 लाख रुपए का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि एजीएल को दिया गया कर्ज भी अवैध था, क्योंकि यह पार्टी के फंड से लिया गया पैसा था। शेयर हस्तांतरण के बाद, पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण और कई अन्य शेयरधारकों ने आरोप लगाया कि यंग इंडिया ने एजीएल का हस्तांतरण करते समय कोई नोटिस नहीं दिया और शेयरधारकों से सहमति नहीं ली गई। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार
नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए, मोहनलाल बडोली ने कहा कि कांग्रेस को सच का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कांग्रेस को धरना देने का अधिकार है, लेकिन भ्रष्टाचार करने का हक किसी को नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रंग देकर सच्चाई से भागने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सरकारी संपत्तियों का दुरुपयोग करके बड़ा खेल किया है और अब ईडी की कार्रवाई पर बनावटी बातें करके अपने घोटालों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली द्वारा लगाए गए आरोप मोहन लाल बड़ौली जी ने कांग्रेस को इस पूरे मामले में सच का सामना करने और कानूनी कार्रवाई में पूरा सहयोग करने की बात कही है।