राजद MLC मोहम्मद शोएब को साइबर अपराधियों ने 12 घंटे तक डिजिटल कैद कर टॉर्चर किया है। इनसे जुड़ी फाइनेंशियल डिटेल्स की पूरी जानकारी खंगाली। इस दौरान MLC घर से बाहर नहीं निकले। वीडियो कॉल कर साइबर अपराधियों ने उन्हें एक कमरे में बैठाए रखा। अब इस मामले में पटना साइबर थाने में MLC मोहम्मद शोएब की ओर से शिकायत की गई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर थाने के SHO राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने इसकी पुष्टि की है। 8 अप्रैल की सुबह आया था कॉल मोहम्मद शोएब के आवेदन के मुताबिक 8 अप्रैल की सुबह 10:30 बजे उनके मोबाइल नंबर पर एक अनजाने नंबर से कॉल आया। सामने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट का पदाधिकारी बताया। इसके बाद उसने MLC से कहा कि आपके केनरा बैंक मुंबई ब्रांच के खाते से करोड़ों लोगों के साथ फ्रॉड किया गया है। ऑनलाइन गैर कानूनी एक्टीविटी की गई है। इस वजह से मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज हुआ है। इसका केस नंबर 5621/2025 है। इस सिलसिले में आपसे पूछताछ करनी है। इसके बाद शातिरों की ओर से वीडियो कॉल किया गया। मेरे खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कहकर प्रताड़ित किया। पर्सनल डिटेल्स देने के लिए मजबूर किया गया। क्या कहती है पुलिस पुलिस उपाधीक्षक राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि फाइनेंशियल फ्रॉड नहीं हुआ है। व्हाट्सएप के जरिए वीडियो कॉल ठगों की ओर से किया गया था। कुछ पर्सनल जानकारी और डॉक्यूमेंट ऑनलाइन स्कैन कराकर उनलोगों ने मंगाया है। जिस नंबर से कॉल आया था, उसकी छानबीन की जा रही है।
राजद MLC मोहम्मद शोएब को साइबर अपराधियों ने 12 घंटे तक डिजिटल कैद कर टॉर्चर किया है। इनसे जुड़ी फाइनेंशियल डिटेल्स की पूरी जानकारी खंगाली। इस दौरान MLC घर से बाहर नहीं निकले। वीडियो कॉल कर साइबर अपराधियों ने उन्हें एक कमरे में बैठाए रखा। अब इस मामले में पटना साइबर थाने में MLC मोहम्मद शोएब की ओर से शिकायत की गई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर थाने के SHO राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने इसकी पुष्टि की है। 8 अप्रैल की सुबह आया था कॉल मोहम्मद शोएब के आवेदन के मुताबिक 8 अप्रैल की सुबह 10:30 बजे उनके मोबाइल नंबर पर एक अनजाने नंबर से कॉल आया। सामने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट का पदाधिकारी बताया। इसके बाद उसने MLC से कहा कि आपके केनरा बैंक मुंबई ब्रांच के खाते से करोड़ों लोगों के साथ फ्रॉड किया गया है। ऑनलाइन गैर कानूनी एक्टीविटी की गई है। इस वजह से मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज हुआ है। इसका केस नंबर 5621/2025 है। इस सिलसिले में आपसे पूछताछ करनी है। इसके बाद शातिरों की ओर से वीडियो कॉल किया गया। मेरे खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कहकर प्रताड़ित किया। पर्सनल डिटेल्स देने के लिए मजबूर किया गया। क्या कहती है पुलिस पुलिस उपाधीक्षक राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि फाइनेंशियल फ्रॉड नहीं हुआ है। व्हाट्सएप के जरिए वीडियो कॉल ठगों की ओर से किया गया था। कुछ पर्सनल जानकारी और डॉक्यूमेंट ऑनलाइन स्कैन कराकर उनलोगों ने मंगाया है। जिस नंबर से कॉल आया था, उसकी छानबीन की जा रही है।