पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि नया वक्फ कानून पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक पश्चिम बंगाल में ममता दीदी है, मुस्लिम समुदाय की संपत्ति की रक्षा करेगी। ममता कोलकाता में जैन समाज के कार्यक्रम में बोल रही थीं। उन्होंने कहा- कुछ लोग पूछते हैं कि मैं हर धर्म के स्थानों पर क्यों जाती हूं। मैं पूरी जिंदगी जाऊंगी। चाहे कोई गोली मार दे, मुझे एकता से अलग नहीं किया जा सकता। बंगाल में धर्म के नाम पर बंटवारा नहीं होगा। जियो और जीने दो यही हमारा रास्ता है। इस बयान पर भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता फर्जी हिंदू हैं, अपनी भाषा और आचरण से उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है। मुर्शिदाबाद में हिंदुओं की दुकानों पर तोड़फोड़ की गई, पुलिस पर हमला किया गया। फिर भी ममता चुप हैं। वक्फ संशोधन कानून लोकसभा-राज्यसभा से पास होने के बाद 8 अप्रैल से देश में लागू कर दिया गया है। इसकी संवैधानिकता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 12 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई के लिए तैयार है। हालांकि तारीख अभी तय नहीं की है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगातार तीसरे दिन हंगामा इधर, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बुधवार को लगातार तीसरे दिन नए वक्फ कानून पर हंगामा हुआ। विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और भाजपा के विधायकों के बीच हाथापाई हो गई। लिहाजा विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। दूसरी ओर, AAP विधायक मेहराज मलिक ने कहा- हिंदू तिलक लगाते हैं, लेकिन पाप करते हैं। इस पर भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने मलिक की निंदा करते हुए कहा कि यह हिंदुओं का अपमान है। 7 अप्रैल: NC के विधायक ने सदन में वक्फ कानून की कॉपी फाड़ दी। एक NC विधायक ने अपनी जैकेट फाड़कर सदन में लहराई। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्रवाई पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। NC समेत अन्य दलों ने वक्फ कानून के खिलाफ रेजोल्यूशन लाने की बात कही थी। 8 अप्रैल: मंगलवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों ने सदन में बिल पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान NC और भाजपा विधायकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। 9 अप्रैल: नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नए कानून पर चर्चा की मांग की। सदन में भाजपा विधायकों से बहस हुई। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा, 2 तस्वीरें पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मंगलवार शाम को वक्फ कानून के विरोध के दौरान हिंसा भड़क गई। कई वाहनों को प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी। इसमें पुलिस की गाड़ियां भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारियों से झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मुर्शिदाबाद में मुस्लिम संगठन के प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इसके बाद भीड़ हिंसक हो गई। लोगों ने पुलिस के वाहन और अन्य वाहनों में आग लगी दी।
इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे प्री प्लान्ड हिंसा बताया। उन्होंने मंगलवार को कहा कि हमें पहले से पता था कि ममता बनर्जी इस तरह का रास्ता अपनाएंगी ताकि शिक्षक भर्ती घोटाले और 26,000 शिक्षकों की बर्खास्तगी से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। मणिपुर में जलाया गया था भाजपा नेता का घर मणिपुर के थोउबल जिले में रविवार को भीड़ ने नए वक्फ कानून का समर्थन करने पर भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष असगर अली मकाकमयुम के घर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसके बाद असगर अली ने सोशल मीडिया पोस्ट में माफी मांगी थी और कानून वापस लेने की मांग की थी। वक्फ संशोधन कानून 8 अप्रैल से देशभर में लागू वक्फ संशोधन कानून 8 अप्रैल से देशभर में लागू कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा से और 3 अप्रैल को राज्यसभा से पास हुआ था। 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बना था। वक्फ संशोधन बिल के पास होने के बाद से अब तक सुप्रीम कोर्ट में 12 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 11 अप्रैल से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पीएम बोले- नया वक्फ कानून अहम कदम प्रधानमंत्री मोदी ने नए वक्फ कानून को लेकर मंगलवार को कहा- 2013 का वक्फ कानून मुस्लिम कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश थी। नया वक्फ कानून सामाजिक न्याय की दिशा में एक अहम कदम है। 2013 में कांग्रेस सरकार की ओर से लाया गया वक्फ कानून मुस्लिम कट्टरपंथियों और लैंड माफिया को खुश करने की कोशिश थी, वक्फ को लेकर बहस की जड़ तुष्टिकरण की राजनीति है। सुप्रीम कोर्ट में अब तक 12 याचिकाएं दर्ज
नए वक्फ कानून की संवैधानिकता के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अलावा सुप्रीम कोर्ट में 8 अप्रैल तक 12 याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा कि हमारी राज्य इकाइयां भी हाईकोर्ट में कानून को चुनौती देंगी। वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी। CJI संजीव खन्ना ने कहा कि हम लेटर्स और मेल देखने के बाद फैसला करेंगे। इसकी लिस्टिंग करेंगे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में अर्जेंट हियरिंग के लिए ओरल मेंशनिंग यानी जुबानी अपील की व्यवस्था खत्म हो चुकी है। ———————————————- वक्फ बिल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बिहार के राज्यपाल बोले- वक्फ संपत्तियां अल्लाह की, इस पर गैर-मुस्लिमों का भी हक बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने लोकसभा और राज्यसभा से पास हुए वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा- वक्फ की संपत्तियां अल्लाह की मानी जाती हैं। इसका इस्तेमाल गरीबों, जरूरतमंदों और जनहित के लिए होना चाहिए। गैर मुस्लिमों का भी वक्फ की संपत्तियों में बराबर का हक है। पूरी खबर पढ़ें… मौलाना मदनी बोले- वक्फ बोर्ड में हिंदुओं को क्यों रख रहे, सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई जमीयत उलमा-ए-हिंद ने वक्फ कानून 2025 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। संगठन ने रविवार को ऑनलाइन याचिका दाखिल की है। अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा- हमने पहले ही कहा था कि अगर यह वक्फ कानून बना तो इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि नया वक्फ कानून पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक पश्चिम बंगाल में ममता दीदी है, मुस्लिम समुदाय की संपत्ति की रक्षा करेगी। ममता कोलकाता में जैन समाज के कार्यक्रम में बोल रही थीं। उन्होंने कहा- कुछ लोग पूछते हैं कि मैं हर धर्म के स्थानों पर क्यों जाती हूं। मैं पूरी जिंदगी जाऊंगी। चाहे कोई गोली मार दे, मुझे एकता से अलग नहीं किया जा सकता। बंगाल में धर्म के नाम पर बंटवारा नहीं होगा। जियो और जीने दो यही हमारा रास्ता है। इस बयान पर भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता फर्जी हिंदू हैं, अपनी भाषा और आचरण से उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है। मुर्शिदाबाद में हिंदुओं की दुकानों पर तोड़फोड़ की गई, पुलिस पर हमला किया गया। फिर भी ममता चुप हैं। वक्फ संशोधन कानून लोकसभा-राज्यसभा से पास होने के बाद 8 अप्रैल से देश में लागू कर दिया गया है। इसकी संवैधानिकता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 12 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई के लिए तैयार है। हालांकि तारीख अभी तय नहीं की है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगातार तीसरे दिन हंगामा इधर, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बुधवार को लगातार तीसरे दिन नए वक्फ कानून पर हंगामा हुआ। विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और भाजपा के विधायकों के बीच हाथापाई हो गई। लिहाजा विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। दूसरी ओर, AAP विधायक मेहराज मलिक ने कहा- हिंदू तिलक लगाते हैं, लेकिन पाप करते हैं। इस पर भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने मलिक की निंदा करते हुए कहा कि यह हिंदुओं का अपमान है। 7 अप्रैल: NC के विधायक ने सदन में वक्फ कानून की कॉपी फाड़ दी। एक NC विधायक ने अपनी जैकेट फाड़कर सदन में लहराई। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्रवाई पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी। NC समेत अन्य दलों ने वक्फ कानून के खिलाफ रेजोल्यूशन लाने की बात कही थी। 8 अप्रैल: मंगलवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों ने सदन में बिल पर चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान NC और भाजपा विधायकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। 9 अप्रैल: नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नए कानून पर चर्चा की मांग की। सदन में भाजपा विधायकों से बहस हुई। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा, 2 तस्वीरें पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मंगलवार शाम को वक्फ कानून के विरोध के दौरान हिंसा भड़क गई। कई वाहनों को प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी। इसमें पुलिस की गाड़ियां भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारियों से झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। मुर्शिदाबाद में मुस्लिम संगठन के प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इसके बाद भीड़ हिंसक हो गई। लोगों ने पुलिस के वाहन और अन्य वाहनों में आग लगी दी।
इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे प्री प्लान्ड हिंसा बताया। उन्होंने मंगलवार को कहा कि हमें पहले से पता था कि ममता बनर्जी इस तरह का रास्ता अपनाएंगी ताकि शिक्षक भर्ती घोटाले और 26,000 शिक्षकों की बर्खास्तगी से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। मणिपुर में जलाया गया था भाजपा नेता का घर मणिपुर के थोउबल जिले में रविवार को भीड़ ने नए वक्फ कानून का समर्थन करने पर भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष असगर अली मकाकमयुम के घर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसके बाद असगर अली ने सोशल मीडिया पोस्ट में माफी मांगी थी और कानून वापस लेने की मांग की थी। वक्फ संशोधन कानून 8 अप्रैल से देशभर में लागू वक्फ संशोधन कानून 8 अप्रैल से देशभर में लागू कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा से और 3 अप्रैल को राज्यसभा से पास हुआ था। 5 अप्रैल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बना था। वक्फ संशोधन बिल के पास होने के बाद से अब तक सुप्रीम कोर्ट में 12 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 11 अप्रैल से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पीएम बोले- नया वक्फ कानून अहम कदम प्रधानमंत्री मोदी ने नए वक्फ कानून को लेकर मंगलवार को कहा- 2013 का वक्फ कानून मुस्लिम कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश थी। नया वक्फ कानून सामाजिक न्याय की दिशा में एक अहम कदम है। 2013 में कांग्रेस सरकार की ओर से लाया गया वक्फ कानून मुस्लिम कट्टरपंथियों और लैंड माफिया को खुश करने की कोशिश थी, वक्फ को लेकर बहस की जड़ तुष्टिकरण की राजनीति है। सुप्रीम कोर्ट में अब तक 12 याचिकाएं दर्ज
नए वक्फ कानून की संवैधानिकता के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अलावा सुप्रीम कोर्ट में 8 अप्रैल तक 12 याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा कि हमारी राज्य इकाइयां भी हाईकोर्ट में कानून को चुनौती देंगी। वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी। CJI संजीव खन्ना ने कहा कि हम लेटर्स और मेल देखने के बाद फैसला करेंगे। इसकी लिस्टिंग करेंगे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में अर्जेंट हियरिंग के लिए ओरल मेंशनिंग यानी जुबानी अपील की व्यवस्था खत्म हो चुकी है। ———————————————- वक्फ बिल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बिहार के राज्यपाल बोले- वक्फ संपत्तियां अल्लाह की, इस पर गैर-मुस्लिमों का भी हक बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने लोकसभा और राज्यसभा से पास हुए वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा- वक्फ की संपत्तियां अल्लाह की मानी जाती हैं। इसका इस्तेमाल गरीबों, जरूरतमंदों और जनहित के लिए होना चाहिए। गैर मुस्लिमों का भी वक्फ की संपत्तियों में बराबर का हक है। पूरी खबर पढ़ें… मौलाना मदनी बोले- वक्फ बोर्ड में हिंदुओं को क्यों रख रहे, सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई जमीयत उलमा-ए-हिंद ने वक्फ कानून 2025 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। संगठन ने रविवार को ऑनलाइन याचिका दाखिल की है। अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा- हमने पहले ही कहा था कि अगर यह वक्फ कानून बना तो इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…